सिंचाई विभाग के टेंडर में बड़ा घालमेल, सीएम योगी तक पहुंचा मामला

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मुरादनगर :- मुरादनगर गंगनहर के किनारे सिंचाई विभाग की लीज पर दी जाने वाली जमीन के टेंडर में विभागीय अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों के घालमेल का मामला सामने आया है। यह जमीन विभाग की ओर से प्रत्येक तीसरे वर्ष लीज पर दी जाती है। लीज पर आवंटन करने के मामले में बड़ा खेल कर दिया है। नियमानुसार तीन लोगों के टेंडर आने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया को जारी किया जा सकता है, लेकिन सेटिंग के तहत निविदा एक ही व्यक्ति को खोल दी गयी है। मामला अब सिंचाई मंत्री के समक्ष पहुंच गया है, उन्होंने विभागीय चीफ इंजीनियर से लेकर जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।

जानकारी के अनुसार गंगनहर पर लीज पर दी जाने वाली 500 मीटर जमीन 1.19 करोड़ में दी गयी थी। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस प्रकिया में इस बार नियम विरुद्ध यह हुआ कि टेंडर को लेकर 11 निविदा लगी, जबकि सिक्योरिटी तीन लोगों की जमा थी, लेकिन सेटिंग गेटिंग कर निविदा एक ही व्यक्ति की ही खोल दी गई है। जब यह पूरा मामला चीफ इंजीनियर पीसी शर्मा के संज्ञान में आया तो उन्होंने आमंत्रण को बीच में रोककर इसकी जांच आख्या रिपोर्ट मांग ली है। चीफ इंजीनियर भी मानते हैं कि इस टेंडर में अनियमितता बरती गई है, जिसके चलते जांच आख्या मांगी गई है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर फिर इसका टेंडर निकाला जाएगा। इसमें टेंडर लेने वाले भागीदारों से सिक्योरिटी जमा कराई जाएगी।

मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

सिंचाई विभाग मध्य गंगनहर की ओर से हर तीसरे वर्ष मुरादनगर स्थित गंगनहर होटल की जगह लीज पर दी जाती है। इस बार मध्य गंगा अभियंता आशुतोष सारस्वत ने नियमों के विपरीत टेंडर प्रक्रिया करा दी। प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल के संज्ञान में यह मामला आ गया है। उन्होंने भी विभाग के चीफ इंजीनियर से लेकर जिला प्रशासन से इसकी रिपोर्ट मांगी है। यही नहीं मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इसकी शिकायत होने के बाद जांच पड़ताल आरंभ हो गई है।

यह है नियम

नियम कहता है कि टेंडर होने चाहिए थे परंतु टेंडर एक ही पड़ा वही खोल दिया गया। जमीन की लीज ऑक्शन होती है बल्कि अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की ओर से घालमेल कर दिया गया। यही नहीं टेंडर वाले दिन कंप्यूटर पर सिंचाई विभाग की दो साइट खोल कर गुमराह किया गया। एक साईट पर 1.1 9 करोड़ का टेंडर छोड़ा गया है जिसके खिलाफ सभा राठी ग्रुप ने 1.14 करोड़ रुपए का टेंडर लेने के लिए चीफ इंजीनियर को अर्जी दी है।

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