विश्व साईकल दिवस पर विशेष: एक दिन सब नजर आयेगे प्यारी सी साईकिल पर

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आज हम विश्व साईकल दिवस मना रहे है हमारे जीवन में बहुत से दिन महत्वपूर्ण होते है लेकिन कुछ हमें याद रहते है। तो कुछ हम भूल जाते है मगर कुछ दिन वक्त की आवश्यकता बन जाते है और ऐसे दिनों में विश्व साईकिल दिवस का अपना महत्वपूर्ण स्थान है।क्योकि पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतें इनसे उत्पन्न होने वाले प्रदुषण और आर्थिक मंदी के दौर में अब हर व्यक्ति के लिए आसानी से गाड़ी लेना सम्भव नही है इसलिए आवागमन का सबसे सुविधा जनक माध्यम साईकिल ही है।

पुरानी कहावत आम के आम और गुठलियों के दाम भी अगर ध्यान से सोचे तो यहां बिल्कुल सही प्रतीत होती है क्योकि तीन चार हजार रूपये की लगभग की मध्यम दर्जे के उपयोग में आने वाली साईकिलें मार्किट में खुब उपलब्ध है तो थोड़ी सी शान शौकत वालों के लिए 1 लाख से 5 लाख रूपये तक के आसपास की साईकिलें भी विश्व में मौजूद है और अगर इसके उपयोग को देखे तो सबका एकसा ही है बस महंगी साईकिलें बैट्री से चलती है और 4 हजार रूपये के आसपास की साईकिल पैरों से चलानी पढ़ती है स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह बहुत महत्वपूर्ण है।

औरों की तो क्या कंहु पिछले लगभग 50 साल से मै निरंतर साईकल का उपयोग कर रहा हुं और अब मेरे को देख तथा अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कितने ही सम्पन्न परिवारों के लोग भी अब शान से साईकल चलाते दिखायी देते है।
इतना ही नही अपने देश की फिल्मो में भी अब साधारण साईकिले चलाते हमारे फिल्मी हीरों नजर आते है साईकिल की महत्ता का इससे अंदाज लगाया जा सकता है की कुछ लोग जो किसी कारण से सड़कों पर साईकिल नही चलाते है वो मोटी फीस देकर जिम में एक्सरसाईज के साथ साथ साईकिल चलाने जाते है।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है की साईकिल चलाना अब शर्म की नही शान की बात होती जा रही है। और अगर ऐसा ही रहा तो जिस प्रकार अब से 5-7 दशक पूर्व जिसके पास साईकल होती थी उसकों लोग बहुत मानते थे ओर दूर दूर से साईकिल देखने आते थे। जिस प्रकार से वाहनों से प्रदुषण और तेल की खपत बढ़ रही है और उससे जो नुकसान हो रहे है उसे देखकर यह कहा जा सकता है की जिस प्रकार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा घरों में शौचालय स्थापना का अभियान चलवाया गया है कोई ना कोई हर परिवार में साईकिल हो इसके लिए भी अभियान चलवा सकता है और जिस दिन ऐसा होगा उस दिन से आसानी से गरीब से लेकर अमीरों तक के घरो में साईकिल नजर आयेगी और लोग उसे शान से चलाते दिखायी दिया करेगे।

वक्त के अनुसार भी पर्यावरण में सुधार हेतू ओर बढ़ती गाड़ियों से उत्पन्न हो रही कई परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कारों की ब्रिकी कम और भविष्य में साईकिल की मांग बड़ेगी।
एक फिल्मी गानें चांदी की साईकिल सोने की सीट की कल्पना अपने देश में भले ही अभी साकार ना हो रही हो मगर विश्व के कुछ देशों में पांच लाख डाॅलर यानी तीन करोड़ 50 लाख तक की साईकिल भी मौजूद है और इतने में चांदी की ही नही सोने की साईकिल ओर सोने की ही गद्दी भी प्राप्त हो सकती है।

मगर यहां क्योकि साईकिल के उपयोग और इसकी महत्ता की बात चल रही है तो यह कहा जा सकता है की महंगी से महंगी गाड़ी के बराबर की कीमत की साईकिलें भी दुनिया में मौजूद है मगर सबसे प्यारी अपनी 4 हजार की साईकिल की सवारी है जिसे सब अपना कह सकते है दोस्तों आओं आज ही पेट्रोल डीजल की खपत कम करने, उत्पन्न हो रही आर्थिक तंगी को दूर करने तथा इससे उत्पन्न हो रही परेशानियों की समाप्ति और अच्छे स्वास्थ्य तथा सबकों स्वच्छ पर्यावरण का माहौल हो उपलब्ध इसके लिए प्रतिदिन कम से कम 5 किमी साईकिल चलाने का संकल्प ले और सबको साईकिल खरीदने और वो भी 4-5 हजार रूपये की लेने के लिए प्रोत्साहित करे क्योकि स्वास्थ्य के लिए हर दृष्टिकोण से पैडल से चलायी जाने वाली इस कीमत की साईकलें ही वरदान साबित हो रही है।


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