Modinagar : एडमिट कार्ड नहीं मिला तो तनाव में छात्र की मौत

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यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने से पहले ही हो गया था बीमार अनुपस्थिति न होने के कारण स्कूल प्रबंधन ने नहीं दिया था एडमिट कार्ड।

मोदीनगर

एडमिट कार्ड ने मिलने से तनाव के कारण यूपी बोर्ड के एक इंटर के छात्र की मौत का मामला सामने आया है। छात्र के पिता का आरोप है कि बेटे को स्कूल से एडमिट कार्ड नहीं दिया गया, इसकी वजह से वह तनाव में आ गया और उसकी मौत हो गई। तनाव के कारण वह अचानक बीमार हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, गोविंदपुरी कॉलोनी में मोहम्मद अफाक परिवार के साथ रहते हैं। उनका 16 वर्षीय बेटा फैज शहर के एक इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। छात्र के पिता ने बताया कि वह बीमारी के कारण स्कूल में अनुपस्थित रहा था।उपचार करने वाले डॉक्टर ने बताया कि उनका बेटा किसी तनाव में है। पिता ने जब बेटे से बात की तो उसने बताया कि इस बार वह एग्जाम में नहीं बैठ पाएगा।

शिक्षा अधिकारियों से परमिशन के बाद भी नहीं दिया लेटर

उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने अटेंडेंस शॉर्ट बताईं थीं। लेटर लेने के लिए वह गाजियाबाद शिक्षा विभाग में अधिकारियों से एडमिट कार्ड लेने के लिए लेटर लिखवाकर ले आया था, लेकिन इसके बाद भी कार्ड नहीं दिया गया। फैज का सोमवार को पहला बोर्ड का एग्जाम था, लेकिन इससे पहले ही शनिवार देर रात दिल्ली के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। छात्र की मां सीमा ने बताया कि जब डॉक्टरों ने बीमारी का कारण एडमिट कार्ड न मिलना बताया तो उन्होंने टीचर्स से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने एडमिट कार्ड देने से इनकार कर दिया।

कई महीनों नहीं आया था स्कूल

कॉलेज के प्रिंसिपल एस.सी अग्रवाल ने बताया कि मामले में छात्र की क्लास टीचर से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि छात्र पढ़ने में रुचि नहीं रखता था। गत 8 फरवरी को छात्र की मम्मी उनसे मिलने आई थीं। टीचर ने बताया कि वह स्कूल के मैदान में बैठकर चला जाता था। लगातार क्लास में अनुपस्थित रहने के कारण एडमिट कार्ड नहीं दिया गया। टीचर ने प्रिंसिपल को बताया कि छात्र को बीमारी के दौरान का मेडिकल देने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने मेडिकल भी नहीं दिया था।

‘बच्चों को टाइम दें और उनकी समस्या समझें’

डिप्रेशन या तनाव के कारण किसी की मौत नहीं होती। मौत के पीछे कुछ फिजिकल कारण होते हैं। बच्चा स्कूल में क्यों गैरहाजिर रहा और स्कूल प्रबंधन ने उसके साथ किस तरह का व्यवहार किया, यह सब बातें भी बच्चे की मनोदशा खराब होने का कारण हो सकती हैं। जहां तक बच्चों के एग्जाम टाइम में डिप्रेशन में आने की बात है तो बहुत से बच्चे एग्जाम अनाउंस होने के साथ ही डिप्रेशन में आना शुरू हो जाते हैं। ऐसे में वह अकेला रहना चाहता है और पढ़ाई के बारे में किसी से कुछ भी बात नहीं करना चाहता। जरूरत है कि बच्चों के इस व्यवहार को पहचानें और उसके साथ डिसकस करें कि आखिर उसे किस चीज से दिक्कत है। ऐसे समय में बच्चे को समझाने की जगह उसे बोलने का मौका दें और आप उसकी परेशानी को समझकर उसका हल तलाशें। -डॉ. संजीव त्यागी, वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक


पिता की डांट क्षुब्ध 9वीं के छात्र ने खाया जहर

मोदीनगर : भोजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में पिता की डांट से क्षुब्ध होकर 9वीं के छात्र ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्र के पिता ने बताया कि बेटा 9वीं में पढ़ता है। पढ़ाई में लापरवाही करने पर पिता ने डांटते हुए थप्पड़ मार दिया था।


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